meta name="google-site-verification" content="B3o76BU3rhmCE8Ki5hiR_bfAs6-RIVBoXKMtux934S4" /> Hindi poem: लिख के मिटा दिया ।

Monday, October 28, 2019

लिख के मिटा दिया ।

धड़कन में दुबकी एक बात थी
कुछ राज तो कुछ एहसास थे
कुछ मीठे और तीखे अल्फ़ाज़ थे
कुछ अपने थे कुछ सपने थे
उन अपनों के खातिर
इस दिल में इस दिल ने
न जाने कितने अरमान बिठा दिया
तेरे खुशी के खातिर
देख ना
मैंने अपने आंसुओ को
अपने आंखो में ही सजा दिया
आज तुझसे पूछे बगैर ही
मैंने इन बातो को पन्नों से
लिख के मिटा दिया ।।


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